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Friday, 8 February 2019

What is computer in hindi | कंप्यूटर क्या है

Computer- कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति कंप्यूट शब्द से हुई है जिसका अर्थ है गणना करना सामान्य शब्दों में कंप्यूटर का अर्थ है गणना करने वाला | कंप्यूटर का आविष्कार  गणना कार्य के लिए किया गया था किंतु वर्तमान में इसका कार्य क्षेत्र अधिक विस्तृत और व्यापक हो गया है इसलिए इसे संगणक भी कहा जाने लगा है !
What is computer in hindi,  कंप्यूटर क्या है
What is computer in hindi

What is computer in hindi | कंप्यूटर क्या है

कंप्यूटर क्या है दोस्तों कंप्यूटर के बारे में तो आप सब जानते होंगे लेकिन आज हम इस पोस्ट में आपको विस्तार से कंप्यूटर के बारे में बताएंगे कंप्यूटर का तात्पर्य एक ऐसे यंत्र से है जिसका उपयोग  गणना, प्रक्रिया, यांत्रिकी, अनुसंधान, शोध आदि कार्यों के लिए किया जाता है कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का ऐसा संयोजक है जो डाटा को इंफॉर्मेशन में परिवर्तित करता है. कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसे डिजाइन किया गया है कंप्यूटर का जनक charles Babage को कहा जाता है ऐसा इसलिए क्योंकि सबसे पहले इन्होंने ही एक मैकेनिकल कंप्यूटर को डिजाइन किया था जिसे analytical engine  के नाम से भी जाना जाता है इसमें पंच कार्ड की मदद से  डाटा को इंसर्ट करते हैं  कंप्यूटर केे मुख्य रूप से तीन काम होते हैं पहला काम होता है डाटा को लेना किसे हम इनपुट कहते हैं दूसरा होता है लिए गए टाटा को processing  करना और तीसरा काम होता है प्रोसेस करने के बाद डाटा को हमारे सामने शो करना जिसे हम आउटपुट कहते हैं  कंप्यूटर शब्द लैटिन शब्द के computare से लिया गया है जिसका अर्थ है गणना करना. कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के आठ अक्षरों से मिलकर बना है जो इसके अर्थ को और भी अधिक व्यापक बना देते हैं
C= Commonly
O= Operated
M= Machine
P= Particularly
U= Used for
T= Technical
E= Education and
R= Research

Characteristics of computer | कंप्यूटर की विशेषताएं

कंप्यूटर के कुछ मुख्य विशेषताएं हैं 

1. Speed ( गति ) 
कंप्यूटर का सबसे बड़ा गुण गणना करने की उसकी तीव्र गति है वास्तव में कंप्यूटर का निर्माण तेज गति से गणना करने वाली एक मशीन के रूप में किया गया था कंप्यूटर एक सेकंड में लाखों गणनाए कर सकता है वर्तमान में कंप्यूटर नैनो सेकंड सेकंड में भी गणनाए कर सकता है

2. Accuracy ( त्रुटिहीनता ) 
कंप्यूटर द्वारा किए गए कार्यों की त्रुटि हीनता की दर बहुत ऊंची होती है यह कठिन से कठिन प्रश्न का बिना किसी त्रुटि के बिल्कुल सही परिणाम निकाल देता है गणना के दौरान यदि कुछ त्रुटि पाई भी जाती है तो वह प्रोग्राम या डाटा मानवीय त्रुटियों के कारण होती है यह त्रुटियां गलत सूचनाओं के कारण होती हैं

3. Storage ( भंडारण ) 
कंप्यूटर अपनी मेमोरी में सूचनाओं का विशाल भंडार संचालित कर सकता है इसमें आंकड़ों एवं प्रोग्रामों के भंडारों की क्षमता होती है कंप्यूटर के external तथा internal संग्रहण माध्यमों हार्ड डिस्क सीडी रोम आदि में डेटा और सूचनाओं का संग्रहण किया जा सकता है जिसे हम इस्तेमाल कर सकते हैं

4. Automation ( स्वचालन ) 
कंप्यूटर एक स्वचालित मशीन है कंप्यूटर को एक बार निर्देश देने के बाद जब तक कार्य पूरा नहीं हो जाता वह ऑटोमेशन रूप में  बिना रुके कार्य करता रहता है उदाहरण के लिए कंप्यूटर से प्रिंटर को 50 पेज प्रिंट करने की कमांड देंगे तो वह 50 पेज प्रिंट करने के बाद ही रुकेगा हालांकि कंप्यूटर को कार्य करने के लिए निर्देश मनुष्य द्वारा ही दिए जाते हैं और इसमें त्रुटियों के कम आसार रहते हैं

5. Versatility ( सार्वभौमिकता ) 
मानव की तुलना में कंप्यूटर कहीं अधिक वर्सेटाइल होते हैं यह विभिन्न प्रकार के कार्य को एक साथ एक समय में संपन्न कर सकते हैं

6. Diligence ( सक्षमता ) 
कंप्यूटर एक मशीन होने के कारण कंप्यूटर पर बाहरी वातावरण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है मैं किसी भी कार्य को बिना रुके लाखों-करोड़ों बाहर कर सकता है यह अपने कार्य में सक्षम भूमिका निभाता है यही कारण है कि कंप्यूटर की उपरोक्त सभी विशेषताएं उसे एक काबिल मशीन बनाती है

Limitations of computer | कंप्यूटर की सीमाएं

अगर किसी कार्य की कुछ विशेषताएं हैं तो उसकी कुछ सीमाएं भी होती है इसी प्रकार कंप्यूटर की भी कुछ सीमा है जो इस प्रकार है

  • No IQ  ( बुद्धिहीन ) 
कंप्यूटर एक मशीन है जिसमें स्व सोचने समझने की क्षमता नहीं होती कंप्यूटर केवल  दिए गए निर्देशों के आधार पर कार्य करता है

  •  Expensive ( महंगे ) 
कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर तथा हार्डवेयर प्रारंभ में काफी महंगे होते थे लेकिन कंप्यूटर के विकास के साथ ही उनकी दरों में काफी गिरावट आई है

  •  Depends on electricity (  विद्युत पर निर्भर ) 
कंप्यूटर एक यांत्रिक मशीन है जिस कारण कंप्यूटर को क्रियाशील करने के लिए विद्युत एक अनिवार्य आवश्यकता है विद्युत के अभाव में कंप्यूटर  एक  डिब्बे  के सामान होता है

  •  Effects from virus ( वायरस के प्रभाव )
कोई भी वायरस कंप्यूटर की कार्य क्षमता को प्रभावित कर के उसमें संग्रहित सूचना तथा निर्देशों को नष्ट कर सकता है अतः कंप्यूटर को वायरस रोधी सॉफ्टवेयर के द्वारा वायरस से बचाकर रखना चाहिए

History of computer | कंप्यूटर का इतिहास

आधुनिक कंप्यूटरों को अस्तित्व में आए हुए मुश्किल से 50 वर्ष हुए हैं लेकिन उनके विकास का इतिहास बहुत पुराना है कंप्यूटर हमारे जीवन के हर पहलू में किसी ने किसी तरह सम्मिलित हैं पिछले लगभग 4 दशक में कंप्यूटर में हमारे समाज के रहन-सहन में कामकाज करने के तरीकों को बदल दिया है दुनिया का पहला कंप्यूटर ENIAC था जिसका पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटेड एंड कंप्यूटर था इस कंप्यूटर को वर्ष 1946 में मनाया गया था इस प्रारंभिक कंप्यूटर से पहले की बात करें तो गणितीय गणना करने के लिए कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं था

अबेकस का आविष्कार

प्राचीन समय की बात करें तो गणना करने के लिए एक अबेकस नामक उपकरण का उपयोग किया जाता था इसका आविष्कार 16वी शताब्दी में चीन में हुआ था इसका आविष्कार ली काई चैन ने किया था यह सबसे पहला एवं सरल यंत्र था अबेकस लकड़ी का एक आयताकार ढांचा होता था जिसके अंदर तारों का एक प्रेम लगा होता था क्षैतिज तारों में गोलाकार मोतियों के द्वारा गणना की जाती थी यह जोड़ने में घटाने के लिए प्रयोग किया जाता था वर्गमूल निकालने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता था.

नेपियर बोंस का आविष्कार

1617 में जॉन नेपियर ने नेपियर बोंस नामक उपकरण का आविष्कार किया यह जानवरों की हड्डी से बनी आयताकार पट्टियां होती थी 10 आयताकार पट्टियों पर 0 से 9 तक के पहाड़े इस प्रकार लिखे होते थे की एक पट्टी के दहाई के अंक दूसरी पट्टी के इकाई के अंकों के पास आ जाते थे गणना करने के लिए प्रयोग में आने वाले प्रौद्योगिकी को Rabdologia कहते थे गुणा अत्यंत शीघ्रतापूर्वक की जा सकती थी गणनातमक परिणाम को ग्राफिकल संरचना द्वारा दर्शाया जाता था

स्लाइड रूल का आविष्कार

विलियम आटरेट वर्ष 1620 में इस उपकरण का आविष्कार किया इसमें दो विशेष प्रकार के चिन्हित पट्टियां होती थी जिन्हें बराबर में रखकर आगे पीछे करके लघुगणक की क्रिया संपन्न होती थी पट्टियों पर चीन इस प्रकार होते थे कि संख्या के 0 वाले चिन्ह से वास्तविक दूरी उस संख्या के किसी साजा आधार पर लघुगणक के समानुपाती होती थी यह लघुगणक विधि के आधार पर सरलता से करना है कर सकता था

पास्कलाइन का आविष्कार

वर्ष 1642 में ब्लेज पास्कल ने इस उपकरण का आविष्कार किया यह प्रथम मैकेनिकल एडिंग मशीन है यह मशीन ऑडोमीटर एवं घड़ी के सिद्धांत पर कार्य करती थी इस मशीन में कई चक्र और पुराने टेलीफोन की तरह घुमाने वाले डायलर होते थे जिन पर 0 से 9 तक संख्या अंकित होती थी यह संख्याओं को जोड़ने और घटाने के लिए प्रयोग किया जाता था

लैबनिज़ का यांत्रिक केलकुलेटर का आविष्कार

इस उपकरण का आविष्कार गॉटफ्रेड वान लैबनिज़ ने वर्ष 1671 में किया था इस मशीन को लेबनीज  की Reckoning  मशीन भी कहा जाता है यह मशीन जोड़ने और घटाने के साथ साथ गुना में भाग करने में भी समर्थ थी कार और स्कूटर के स्पीडोमीटर में प्रयुक्त की जाती है


जैकार्ड्स लूम का आविष्कार

जोसेफ मैरी जैकार्ड ने वर्ष 1801 में इसका आविष्कार किया यह एक ऐसी बनाई मशीन थी जिसमें बुनाई के डिजाइन डालने के लिए छिद्र किए हुए कार्डों का उपयोग किया जाता था यह प्रथम मैकेनिकल लूम था इसका प्रयोग कपड़ा बनने के लिए किया जाता था

डिफरेंस इंजन का आविष्कार

चार्ल्स बैबेज ने 1822 में यंत्र का आविष्कार किया इस मशीन में सॉफ्ट तथा गियर लगे होते थे तथा यह मशीन भाप से चलती थी इस मशीन की सहायता से विभिन्न बीजगणित फलनो का मान दशमलव के 20 स्थानों तक शुद्धता पूर्वक ज्ञात किया जा सकता था इसका उपयोग बीमा डाक रेलवे विभागों में किया जाता है

एनालिटिकल इंजन का आविष्कार

इस मशीन का आविष्कार चार्ल्स बैबेज ने वर्ष 1833 में किया था इस मशीन के 5 मुख्य भाग थे 1. इनपुट इकाई 2. स्टोर 3. मिल 4. कंट्रोल 5. आउटपुट इकाई इस मशीन को आधुनिक कंप्यूटरों का शुरुआती प्रारूप माना जाता है यह एक मैकेनिकल मशीन है इसका प्रयोग सभी गणितीय क्रियाओं को करने में किया जाता है

टेबुलेटिंग मशीन का आविष्कार


हरमन होलेरिथ ने वर्ष 1889 में इस मशीन का आविष्कार किया इसमें संख्या बढ़ने का कार्य छेद किए हुए कार्डो द्वारा किया जाता था एक समय में एक ही कार्ड को पढ़ा जाता था 1896 ईस्वी में होलेरिथ ने टेबुलेटिंग मशीन कंपनी की स्थापना की जो पंच कार्ड यंत्र का उत्पादन करती थी वर्ष 1924 में इसका नाम इंटरनेशनल बिजनेस मशीन कर दिया गया इसका प्रयोग 1890 ईस्वी की जनगणना में किया गया था

Classification of computer | कंप्यूटर का वर्गीकरण

कंप्यूटरों को उनकी रूपरेखा कामकाज उद्देश्य प्रयोजनों इत्यादि के आधारों पर विभिन्न वर्गों में विभाजित किया जा सकता है.
1. आकार के आधार पर
2. उद्देश्य के आधार पर
3. अनुप्रयोग के आधार पर

आकार के आधार पर
आकार के आधार पर कंप्यूटर पांच प्रकार के होते हैं

1. Micro computer ( माइक्रो कंप्यूटर ) 

वर्ष 1970 में तकनीकी क्षेत्र में इंटेल द्वारा माइक्रोप्रोसेसर ( micro-processor) का अविष्कार हुआ जिस के प्रयोग से कंप्यूटर प्रणाली काफी सस्ती हो गई यह कंप्यूटर इतने छोटे होते हैं कि इन्हें डेस्क पर सफलतापूर्वक रखा जा सकता है इन्हें कंप्यूटर ऑन ए चिप भी कहा जाता है आधुनिक युग में माइक्रो कंप्यूटर फोन के आकार, पुस्तक के आकार, तथा घड़ी के आकार तक में उपलब्ध हैं इनकी क्षमता लगभग एक लाख संक्रिया प्रति सेकंड होती है इन कंप्यूटर का उपयोग मुख्य व्यवसाय य चिकित्सा के क्षेत्र में क्या जाता है आजकल यह सभी PC की श्रेणी में आते हैं PCs को नेट पर के रूप में कनेक्ट किया जा सकता है इसके उदाहरण IMAC,  IBM PS/2,  APPLE MAC  इत्यादि ! 
माइक्रो कंप्यूटर कई प्रकार के होते हैं

(i) Desktop computer- यह पर्सनल कंप्यूटर का सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला रूप है इस तथ्य के बावजूद पीसीएस को छोटा करके आज लैपटॉप का आकार दे दिया गया है फिर भी अधिकांश घरों और व्यापारिक स्थानों पर आपको डेक्सटॉप ही मिलेंगे क्योंकि यह सस्ते और मजबूत ज्यादा चलने वाले होते हैं

(ii) Laptop- कुछ वर्षो में हुए तकनीकी विकास ने माइक्रो कंप्यूटर का आकार इतना सूक्ष्म कर दिया है कि उन्हें सरलता पूर्वक इधर से उधर ले जाया जा सकता है और साधारण व्यक्ति भी इनको खरीदकर उपयोग में ला सकता है ऐसे कंप्यूटर को लैपटॉप कहा जाता है लैपटॉप को कभी कभी नोटबुक भी कहा जाता है

(iii) Palmtop- यह लैपटॉप की तरह पोर्टेबल पर्सनल कंप्यूटर है यह लैपटॉप से भी हल्का और छोटा होता है यह हैंडहेल्ड ऑपरेटिंग प्रणाली का इस्तेमाल करता है

(iv) Tablet personal computer- टेबलेट और लैपटॉप एक तरह से समान है परंतु टेबलेट पीसी नोटबुक कंप्यूटर से ज्यादा सुविधाजनक है यह दोनों ए पोर्टेबल हैं परंतु प्रयुक्त सॉफ्टवेयर स्क्रीन आदि की विभिनता से दोनों में अंतर है टेबलेट पीसी की स्क्रीन पर यूजर बिना कीबोर्ड की सहायता से लिख सकते हैं परंतु नोटबुक पर नहीं

(v) Personal Digital Assistant- PDA   या डिजिटल डायरी बी एक पोर्टेबल कंप्यूटर ही है लेकिन यह सभी काम नहीं कर सकता, इसका उपयोग छोटे आंकड़ों और सूचनाओं जैसे फोन नंबर,  ईमेल, एड्रेस आदि के उपयोग में किया जाता है

(vi) Workstation- यह अभियांत्रिकी तकनीकी और ग्राफिक कार्यों के साथ-साथ कंप्यूटर के एकल व्यक्ति के साथ पारस्परिक व्यवहार में भी प्रयोग होता है

2. Mini computer ( मिनी कंप्यूटर ) 

मध्यम आकार के इन कंप्यूटरों की कार्यक्षमता तथा कीमत दोनों ही माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में अधिक होती है जिस कारण यह व्यक्तिगत प्रयोग में नहीं लाए जाते हैं इस प्रकार की कंप्यूटरों पर एक या एक से अधिक व्यक्ति एक समय में एक से अधिक कार्य कर सकते हैं इनका उपयोग छोटी या मध्यम स्तर की कंपनियां करती हैं मिनी कंप्यूटर की गति 10 से 30 MIPS ( mega instructions per second) होती है इसके उदाहरण है- HP 9000, RISC 6000, BULL HN-DPX2 और AS 400 आदि

3. Mainframe computer ( मेनफ्रेम कंप्यूटर) 

यह कंप्यूटर आकार में अत्यधिक बड़े होते हैं यह कंप्यूटर कार्य क्षमता और कीमत में भी माइक्रो कंप्यूटर तथा मिनी कंप्यूटर से अधिक होते हैं इन्हें बड़ी कंपनी तथा बैंक या सरकारी विभागों में एक केंद्रीय कंप्यूटर के रूप में इनका प्रयोग किया जाता है, मेनफ्रेम कंप्यूटर को एक्सेस करने के लिए उपयोगकर्ता नोड का इस्तेमाल करते हैं अधिकतर कंपनियों में मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग भुगतान ओं का ब्यौरा रखने वीडियो को भेजना कर्मचारियों का भुगतान करने उपभोक्ता द्वारा खरीदी वस्तुओं का ब्यौरा रखने इत्यादि कार्य में किया जाता है इसके उदाहरण है- CDS CYBER, IBM 4381, ICL 39, UNIVAC-111 आदि

4. Super computer ( सुपर कंप्यूटर) 

सुपर कंप्यूटर सर्वाधिक गति संग्रह क्षमता और उच्च विस्तार वाले होते हैं इनका आकार एक सामान्य कमरे के बराबर होता है विश्व का प्रथम सुपर कंप्यूटर के रिसर्च कंपनी द्वारा वर्ष 1976 में विकसित cray -1 था,  भारत के पास भी सुपर कंप्यूटर है भारत के प्रथम सुपर कंप्यूटर का नाम परम है इसका विकास C-DAC ने किया है इसका विकसित रूप परम 10000 भी तैयार कर लिया गया है
सुपर कंप्यूटर का मुख्य उपयोग मौसम की भविष्यवाणी करने एनिमेशन तथा चलचित्र का निर्माण करने अंतरिक्ष यात्रा के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने बड़ी वैज्ञानिक और शोध प्रयोगशालाओं में शोध और खोज करने के इत्यादि  कार्य में किया जाता है इसके उदाहरण है- PARAM,  PARAM-10000,  CRAY-1, CRAY-2 NEC- 500 आदि

 उद्देश्य के आधार पर

उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर दो प्रकार के होते हैं

1. General purpose computer ( सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर) 

सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इन कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है इनके द्वारा दस्तावेज तैयार करने उन्हें छापने डेटाबेस बनाने तथा शब्द प्रक्रिया द्वारा पत्र तैयार करने इत्यादि सामान्य कार्य के लिए किया जाता है


2. Special purpose computer ( विशिष्ट उद्देश्य कंप्यूटर) 

विशिष्ट उद्देश्य की पूर्ति के लिए इन कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है इनका उपयोग अंतरिक्ष विज्ञान मौसम विज्ञान उपग्रह संचालन यातायात नियंत्रण कृषि विज्ञान इंजीनियरिंग भौतिक तथा रासायनिक विज्ञान में शोध उपग्रह संचालन इत्यादि क्षेत्रों में विशिष्ट उद्देश्य के लिए किया जाता है इस में प्रयोग किए गए सीपीयू की क्षमता अधिक  तीव्र होती है जिस कारण विशिष्ट उद्देश्यों की पूर्ति होती है

अनुप्रयोग के आधार पर

अनुप्रयोग के आधार पर कंप्यूटर तीन प्रकार के होते हैं

1. Analog computer ( एनालॉग कंप्यूटर) 

भौतिक मात्राओं जैसे- दाब तापमान लंबाई पारे इत्यादि को माफ कर उनके परिणाम को अंको में प्रस्तुत करने के लिए एनालॉग कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह कंप्यूटर मात्राओं को अंको में प्रस्तुत करते हैं इसलिए इनका उपयोग विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अधिक किया जाता है इसके उदाहरण है स्पीडोमीटर, भूकंप-सूचक यंत्र आदि

2. Digital computer ( डिजिटल कंप्यूटर) 

अंको की गणना करने के लिए डिजिटल कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है आधुनिक युग में प्रयुक्त अधिकतर कंप्यूटर डिजिटल कंप्यूटर की श्रेणी  में ही आते हैं इनपुट किए गए डेटा और प्रोग्राम को 0 और 1 में परिवर्तित करके इन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रस्तुत करते हैं डिजिटल कंप्यूटर का उपयोग व्यापार में घर के बजट में एनिमेशन के क्षेत्र में विस्तृत रूप से किया जाता है इसके उदाहरण है डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप आदि

3. Hybrid computer ( हाइब्रिड कंप्यूटर) 

हाइब्रिड कंप्यूटर ऑन कंप्यूटर को कहा जाता है जिनमें एनालॉग तथा डिजिटल दोनों ही कंप्यूटर के गुण सम्मिलित हो अर्थात एनालॉग तथा डिजिटल कंप्यूटर के मिश्रित रूप को हाइब्रिड कंप्यूटर कहा जाता है इसके द्वारा भौतिक मात्राओं को अंकों में परिवर्तित करके उसे डिजिटल रूप में ले आते हैं चिकित्सा के क्षेत्र में इसका सर्वाधिक उपयोग किया जाता है इसके उदाहरण है ECG और DIALYSIS मशीन !

कंप्यूटर के सामान्य अनुप्रयोग | General application of computer

आज के समय में शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जहां कंप्यूटर का प्रयोग ना होता हो कुछ मुख्य क्षेत्रों में कंप्यूटर का अनुप्रयोग इस प्रकार है

1. Education- इंटरनेट के माध्यम से किसी भी विषय की जानकारी कुछ ही क्षणों में प्राप्त कर सकते हैं मल्टीमीडिया के विकास और इंटरनेट की सुलभता ने कंप्यूटर को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बना दिया है

2. Bank- बैंकिंग के क्षेत्र में कंप्यूटर के अनुप्रयोग ने क्रांति ला दी है आज बैंकों के अधिकांश कार्य जैसे- ऑनलाइन बैंकिंग एटीएम द्वारा पैसे निकालना चेक का भुगतान रुपए गिनना इत्यादि कंप्यूटर के द्वारा ही संभव है

3. Communication- कंप्यूटर के प्रयोग ने संचार के क्षेत्र में इंटरनेट के प्रयोग को संभव बनाया आधुनिक संचार व्यवस्था की तो कंप्यूटर के अभाव में कल्पना भी नहीं की जा सकती टेलीफोन और इंटरनेट ने संचार क्रांति को जन्म दिया है परंतु प्रकाशिकी संचरण में भी कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है

4. Medicine- चिकित्सा के क्षेत्र में कंप्यूटर का अनुप्रयोग विभिन्न शारीरिक रोगों का पता लगाने के लिए किया जाता है रोगों का विश्लेषण तथा निदान भी कंप्यूटर द्वारा संभव है आधुनिक युग में एक्स-रे सीटी स्कैन अल्ट्रासाउंड इत्यादि विभिन्न जांचो में कंप्यूटर का प्रयोग विस्तृत रूप से  किया जाता है

5. Entertainment- मनोरंजन के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग सिनेमा टेलीविज़न कार्यक्रम वीडियो गेम इत्यादि के रूप में किया जाता है इसमें कंप्यूटर ग्राफिक्स का उपयोग भी किया जाता है ग्राफिक की सहायता से फिल्मों में ऐसे विशेष प्रभाव भी प्रकट किए जाते हैं क्यों पहले संभव नहीं थे मल्टीमीडिया के प्रयोग ने तो कंप्यूटर को बहुआयामी बना दिया है

6. Security- बिना कंप्यूटर के हमारी सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल कमजोर हो जाएगी एयरक्राफ्ट को ट्रैक करने हवाई हमले आदि में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है

7. Air-lines and railway reservation- एक स्थान से दूसरे स्थान पर वायुयान तथा रेल द्वारा जाने के लिए आरक्षण कंप्यूटर द्वारा ही किए जाते हैं तथा कंप्यूटर द्वारा ही हम घर बैठे निर्धारित समय की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं

8. Administration- हर एक संस्थान में अपना एक आंतरिक प्रशासन होता है और प्रशासनिक कार्य कंप्यूटर से ही किए जाते हैं

9. Industry- बहुत सारे औद्योगिक संस्थान जैसे स्टील केमिकल तेल कंपनी आदि कंप्यूटर पर ही निर्भर है संयंत्र प्रक्रियाओं के वास्तविक नियंत्रण के लिए भी कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है

10. Science and engineering- कंप्यूटर का उपयोग कठिन गणितीय और वैज्ञानिक गणनाओ को करने में किया जाता है इनके अतिरिक्त कंप्यूटर कई तरह के रिकॉर्ड का संग्रहण करने अकाउंट्स पुस्तकालय में किताबों या पत्रिकाओं को सहेजने में भी सहायता करता है

11. Commerce- दुकान, बैंक, बीमा, क्रेडिट कंपनी आदि में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है कंप्यूटर के बिना financial दुनिया में काम करना असंभव है

12. E-Commerce- ई-कॉमर्स इंटरनेट की एक उपयोगिता है जिसकी सहायता से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से व्यापार किया जाता है कॉमर्स शब्द का अर्थ लेनदेन अर्थ व्यापार है और यदि लेनदेन कंप्यूटर उसके नेटवर्क तथा संचार प्रणाली की सहायता से इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में किया जाए तो इसे ई-कॉमर्स कहते हैं


Note: - What is computer in Hindi  मैं आशा करता हूं आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी प्लीज कमेंट करके जरूर बताएं और हमारे द्वारा लिखे गए  आर्टिकल में आपको कोई भी कमी नजर आती है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं हम उसमें सुधार करके अपडेट कर देंगे | अगर आपको हमारे आर्टिकल पसंद आए तो इसे Facebook,  WhatsApp और अपने दोस्तों में जरूर शेयर करें !

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